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by Zaverchand Meghani

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आखर चौरासी - 39 - Last Part
by Kamal
  • 89

हरनाम सिंह ने पत्र खोल कर पढ़ना शुरु किया। आदरणीय पापा जी, बी’जी पैरीं पैना ! भला कौन जानता था कि कभी मुझे इस तरह भी आपको पत्र लिखना पड़ेगा ? ...और ...

आखर चौरासी - 38
by Kamal
  • 34

इम्तिहान भले ही किसी भी स्तर का हो, उसका असर विद्यार्थियों पर किसी भूत सा ही होता है। यह भी सच है कि उसका असर वहाँ भी एका-एक नहीं ...

आखर चौरासी - 37
by Kamal
  • 28

सतनाम बताए जा रहा था, ‘‘वैसे हालात में आस-पडोस के बाकी लोग तो तमाशबीन बने चुपचाप रहे, लेकिन पड़ोस में रहने वाला वह गबरु नौजवान लड़का अपने घर से ...

सैलाब - 29 - Last Part
by Lata Tejeswar renuka
  • 40

एक दिन पावनी ने शतायु से पूछा, अब कहो शादी के लिए क्या निर्णय लिया ? मौसी आप जो कहे जैसा कहे वैसा ही होगा। पावनी ने ...

आखर चौरासी - 36
by Kamal
  • 42

विक्की के चले जाने से उस शाम गुरनाम अकेला था। वह अपने घर के गेट पर खड़ा यूँ ही सड़क पर आने-जाने वालों को देख रहा था। तभी उसने ...

सैलाब - 28
by Lata Tejeswar renuka
  • 27

अपना दर्द किसको भला कह सकती है। कुछ दिन तक जो हमदर्द बन कर साथ खड़े थे लेकिन कोर्ट की कार्यवाही में वे भी साथ छोड़ दिये। कोई कितने ...

आखर चौरासी - 35
by Kamal
  • 30

गुरनाम और विक्की जब भी घर पर होते हैं, उनकी शामें बस स्टैण्ड पर बने यात्री पड़ाव वाली सीमेंट की बेंच पर शुरु होती हैं। उस शाम भी वे ...

आखर चौरासी - 34
by Kamal
  • 22

गुरनाम और विक्की जब भी घर पर होते हैं, उनकी शामें बस स्टैण्ड पर बने यात्री पड़ाव वाली सीमेंट की बेंच पर शुरु होती हैं। उस शाम भी वे ...

सैलाब - 27
by Lata Tejeswar renuka
  • 30

कुछ क्षण चुप रहने के बाद पावनी ने पूछ ही लिया, तुम शादी क्यों नहीं कर लेती? तुम्हें सहारा मिल जाएगा और तुम्हारे भाई बहनों की जिम्मेदारी ...

गुमशुदा की तलाश - 40
by Ashish Kumar Trivedi
  • 69

                   गुमशुदा की तलाश                           (40)रॉकी के आदमी सरवर खान को ...

आखर चौरासी - 33
by Kamal
  • 28

गुरनाम उस दिन जब क्लास करने कॉलेज पहुँचा, उसे कोई भी पहचान नहीं सका। ठीक वैसे ही जैसे उस दिन सुबह जब वह जगदीश के साथ रामप्रसाद के होटल ...

आसपास से गुजरते हुए - 28 - Last part
by Jayanti Ranganathan
  • 38

मुझे लगा था कि अप्पा अब मेरी शादी की बात नहीं उठाएंगे। पर दो दिन बाद बहरीन से त्रिवेन्द्रम आया, नगेन्द्रन अपनी बड़ी बहन के साथ मुझे देखने चला ...

गुमशुदा की तलाश - 39
by Ashish Kumar Trivedi
  • 28

                गुमशुदा की तलाश                           (39)दीप्ती की सूचना मिलने के बाद इंस्पेक्टर ...

सैलाब - 26
by Lata Tejeswar renuka
  • 27

लड़की है न मौसी। कहकर सिर खुजाते हुए दांत से जीभ काट कर फर्श की ओर देखने लगा। इसका मतलब तूने पहले से ही लड़की देख रखी है? ...

आखर चौरासी - 32
by Kamal
  • 12

जिस समय विक्की अपना सफर पूरा कर बस से उतरा, दोपहर ढल चुकी थी। वैसे भी ठंढ के मौसम में दिन छोटे होते हैं। शाम गर्मियों कि अपेक्षा जल्द ...

गुमशुदा की तलाश - 38
by Ashish Kumar Trivedi
  • 34

                   गुमशुदा की तलाश                          (38)सरवर खान ने अपना प्लान बहुत ...

नादान मोहब्बत - नही यह प्यार नही - 2
by Lakshmi Narayan Panna
  • 37

भाग-2सागर पहली बार बहुत बेचैन था । सुबह जल्दी ही जग गया, क्योंकि शशि से मिलने का उसे बेसब्री से इंतज़ार था । उससे क्या क्या कहना है , ...

आसपास से गुजरते हुए - 27
by Jayanti Ranganathan
  • 32

आई को गुजरे छह महीने हो गए हैं। शायद आप भी जानना चाहेंगे कि मेरा क्या हुआ? मैंने क्या किया? मेरे साथ जो हुआ, इस बात का खुद मुझे ...

आखर चौरासी - 31
by Kamal
  • 32

गुरनाम के तर्क का महादेव को कोई जवाब न सूझा। लेकिन यह भी सच था कि गुरनाम के केश कटवाने जरुरी थे। अगर चलते वक्त सतनाम ने उसे कुछ ...

सैलाब - 25
by Lata Tejeswar renuka
  • 37

मुश्किल से शबनम की जिंदगी पटरी पर आने ही वाली थी किस्मत ने उसे फिर से जोरदार झटका दे दिया। दिल का दौरा पड़ने से उसके पिता का देहांत ...

गुमशुदा की तलाश - 37
by Ashish Kumar Trivedi
  • 37

                      गुमशुदा की तलाश                            (37)इंस्पेक्टर सुखबीर सिंह ...

डॉमनिक की वापसी - 31
by Vivek Mishra
  • 47

शिमोर्ग और विश्वमोहन के जाने के बाद तुरंत अस्पताल से निकल पड़ने पर भी हम दोपहर बीतते-बीतते ही संगीत के पुराने गुरुकुल पहुँच सके. सचमुच ही वहाँ पहुँच के लगा ...

बिराज बहू - 1
by Sarat Chandra Chattopadhyay
  • 87

हुगली जिले का सप्तग्राम-उसमें दो भाई नीलाम्बर व पीताम्बर रहते थे। नीलाम्बर मुर्दे जलाने, कीर्तन करने, ढोल बजाने और गांजे का दम भरने में बेजोड़ था। उसका कद लम्बा, बदन ...

एक जिंदगी - दो चाहतें - 10
by Dr Vinita Rahurikar
  • 34

दोनों बहुत सारी बाते करते। अक्सर ही परम अपने स्कूल कॉलेज के दिनों की बातें बताता कि कैसे वह स्कूल और मुहल्ले में मारपीट करने के लिए बदनाम था। ...

मुख़बिर - 1
by राज बोहरे
  • 12

मैंने इस बार शायद गलत जगह पांव रख दिया था। पांव तले से थोड़ी सी मिट्टी नीचे को रिसकी थी, जिससे हल्की सी आवाज हुई। मुझे लगा, मेरी गलती ...

बड़ी बाई साब - 8
by vandana A dubey
  • 23

कमज़ोर  पारिवारिक पृष्ठभूमि के चलते रिजेक्ट कर देने वाली बड़ी बाईसाब ने आखिर इस परिवार के लिये क्यों हामी भरी? क्या दिखा उन्हें इस परिवार में? लड़का ठीकठाक है, ...

प्रेत के साथ ईश्क - भाग - २
by Jaydip bharoliya
  • 37

"क्या बात है? एक के बाद एक नाम निकलते ही जा रहे हे। अब ये बताओ कि कॉलेज में विनय का छोटा मोटा झगड़ा हुआ था? जिसका कोई बदला ...

चिंटू - 19
by V Dhruva
  • 47

स्नेहा और राहुल डाकुओं से बच्चो कि रिहाई के लिए बहुत गिड़गिड़ाए पर उन डाकुओं ने उसकी एक न सुनी। अगर पीछा किया तो सबको गोली मारने कि धमकी ...

पछतावा
by Satish Sardana Kumar
  • 19

पछतावासतीश सरदानासुबह के सवा नौ बजे तीन जन इंछापुरी रेलवे स्टेशन पर उतरे।पैसेंजर ट्रेन की अधिकांश सवारी शिव मंदिर की तरफ मुड़ गई।ये तीन जन उनसे विपरीत खेतों के ...