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पल जो यूँ गुज़रे - 27 - लास्ट पार्ट
by Lajpat Rai Garg
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जाह्नवी आ तो गयी रेस्ट हाउस, परन्तु रात की घटना या कहें कि दुर्घटना अभी भी उसके दिलो—दिमाग पर छाई हुई होने के कारण, उसे इस जगह अब एक—एक ...

पल जो यूँ गुज़रे - 26
by Lajpat Rai Garg
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उपायुक्त महोदय ने एक लिखित शिकायत जाह्नवी को इन्कवारी के लिये दी। शिकायत पढ़कर उसे हँसी आई कि शिकायतकर्त्ता को इतना भी मालूम नहीं कि वह शिकायत में लिख ...

पल जो यूँ गुज़रे - 25
by Lajpat Rai Garg
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पन्द्रह हफ्ते पलक झपकते बीत गये। जाह्नवी की नियुक्ति सोलन डिस्ट्रिक्ट में बतौर अस्सिटेंट कमीशनर हुई। निर्मल को आगे की ट्रेनग के लिये राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, माउँफट आबू जाने ...

पल जो यूँ गुज़रे - 24
by Lajpat Rai Garg
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भारत भि—भि ऋतुओं का देश है। जुलाई—अगस्त—सितम्बर का समय मुख्यतः वर्षा ऋतु कहलाता है। इस कालखण्ड में प्रकृति एक ओर जहाँ अपने अनन्त खज़ाने से जल बरसाकर धरा की ...

पल जो यूँ गुज़रे - 23
by Lajpat Rai Garg
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यूपीएससी द्वारा अखिल भारतीय प्रशासनिक सेवाओं के लिये चयनित उम्मीदवारों को पुलिस वेरीफिकेशन के पश्चात्‌ डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनॅल एण्ड एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्मस द्वारा नियुक्ति के ऑफर लेटर जारी किये जाते ...

पल जो यूँ गुज़रे - 22
by Lajpat Rai Garg
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तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार निर्मल का परिवार, कुल सात लोग — परमानन्द, सावित्री, जितेन्द्र, सुनन्दा, कमला, बन्टु तथा निर्मल — रविवार शाम को शिमला पहुँच गये। अनुराग ने इनके ...

खट्टी मीठी यादों का मेला - 23 - लास्ट पार्ट
by Rashmi Ravija verified
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(रात में बेटी के फोन की आवाज़ से जग कर वे, अपना पुराना जीवन याद करने लगती हैं. उनकी चार बेटियों और दो बेटों से घर गुलज़ार रहता. पति ...

पल जो यूँ गुज़रे - 21
by Lajpat Rai Garg
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अन्ततः मई के द्वितीय सप्ताह की एक खुशनुमा प्रातः ऐसी आई जब शिमला स्थित सभी प्रमुख समाचारपत्रों के सम्वाददाता अपने—अपने कैमरामैन के साथ मशोबरा के ‘मधु—स्मृति विला' के परिसर ...

खट्टी मीठी यादों का मेला - 22
by Rashmi Ravija verified
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(रात में बेटी के फोन की आवाज़ से जग कर वे, अपना पुराना जीवन याद करने लगती हैं. उनकी चार बेटियों और दो बेटों से घर गुलज़ार रहता. पति ...

पल जो यूँ गुज़रे - 20
by Lajpat Rai Garg
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रविवार को जब अनुराग वापस शिमला पहुँचा तो रात के ग्यारह बजने वाले थे। घर में श्रद्धा और जाह्नवी जाग रही थीं, क्योंकि निर्मल ने टेलिफोन पर सूचित कर ...

खट्टी मीठी यादों का मेला - 21
by Rashmi Ravija verified
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(रात में बेटी के फोन की आवाज़ से जग कर वे, अपना पुराना जीवन याद करने लगती हैं. उनकी चार बेटियों और दो बेटों से घर गुलज़ार रहता. पति ...

पल जो यूँ गुज़रे - 19
by Lajpat Rai Garg
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अनुराग ने निर्मल को सूचित किया कि मैं रविवार को आऊँगा। तदनुसार अनुराग शिमला से प्रातः पाँच बजे अपने ड्राईवर को लेकर चल पड़ा। रास्ते में एक—आध बार रुककर ...

खट्टी मीठी यादों का मेला - 20
by Rashmi Ravija verified
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(रात में बेटी के फोन की आवाज़ से जग कर वे, अपना पुराना जीवन याद करने लगती हैं. उनकी चार बेटियों और दो बेटों से घर गुलज़ार रहता. पति ...

पल जो यूँ गुज़रे - 18
by Lajpat Rai Garg
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जाह्नवी को दिल्ली से लौटे दो—तीन दिन हो गये थे। वह गुमसुम रहती थी। सारा—सारा दिन कमरे में बाहर की ओर खुलने वाले दरवाज़े के समीप कुर्सी पर बैठी ...

खट्टी मीठी यादों का मेला - 19
by Rashmi Ravija verified
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(रात में बेटी के फोन की आवाज़ से जग कर वे, अपना पुराना जीवन याद करने लगती हैं. उनकी चार बेटियों और दो बेटों से घर गुलज़ार रहता. पति ...

पल जो यूँ गुज़रे - 17
by Lajpat Rai Garg
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दोनों के इन्टरव्यू आशानुरूप ही नहीं, अपेक्षा से कहीं बेहतर सम्प हुए। दोनों अति प्रसन्न थे। शाम को विकास के घर जाना था। यूपीएससी से लौटते हुए जाह्नवी ने ...

आमची मुम्बई - 44 - Last Part
by Santosh Srivastav verified
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मुम्बई से अगर चॉल शब्द हटा दिया जाए तो मुम्बई की पहचान और इतिहास दोनों ख़त्म हो जाएँगे चॉल मुम्बईकरों की एकजुटता का उदहारण है ...

खट्टी मीठी यादों का मेला - 18
by Rashmi Ravija verified
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(रात में बेटी के फोन की आवाज़ से जग कर वे, अपना पुराना जीवन याद करने लगती हैं. उनकी चार बेटियों और दो बेटों से घर गुलज़ार रहता. पति ...

कमसिन - 33 - लास्ट
by Seema Saxena verified
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पिंकी और बिट्टू जो मैन्यू कार्ड में खाने की चीजें देख रहे थे वे एकदम से उसकी तरफ देखने लगे, कौन रवि? राशि का ध्यान अभी भी बाहर की तरफ ...

आमची मुम्बई - 43
by Santosh Srivastav verified
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मुम्बई की अपनी अलग संस्कृति है मुम्बई में हर शख़्स ज़िन्दादिल है वो ज़िन्दग़ी को हर हाल में हँसते-हँसते जीता है चाहे भीड़ भरी ...

पल जो यूँ गुज़रे - 16
by Lajpat Rai Garg
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जाह्नवी के इन्टरव्यू की तिथि से चार दिन पूर्व की बात है। मुँह—अँधेरे निर्मल की नींद खुल गयी। कारण जाह्नवी को लगातार तीन—चार बहुत जोर की छींकें आर्इं। निर्मल ...

कमसिन - 32
by Seema Saxena verified
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पिंकी ने आज घर में बताया था कि वह कालेज की तरफ से टूर पर जायेगी ! आगरा, दिल्ली और मथुरा ले जाया जा रहा है ! ताजमहल, लाल ...

खट्टी मीठी यादों का मेला - 17
by Rashmi Ravija verified
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(रात में बेटी के फोन की आवाज़ से जग कर वे, अपना पुराना जीवन याद करने लगती हैं. उनकी चार बेटियों और दो बेटों से घर गुलज़ार रहता. पति ...

कमसिन - 31
by Seema Saxena verified
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आज कल गाँव में भी सभी लोग बारी बारी से अपने घर में देवता को घर ला रहे थे। आज चाचा के घर पर देवता आ रहे थे पूरा ...

आमची मुम्बई - 42
by Santosh Srivastav verified
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शायद यही वजह है कि मुम्बई की जीवन रेखा कही जाने वाली लोकल ट्रेन चौबीसों घंटे में से कभी भी खाली नहीं मिलती प्रत्येक प्रहर अलग-अलग तरह ...

पल जो यूँ गुज़रे - 15
by Lajpat Rai Garg
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दिल्ली जाने से दो दिन पहले जब निर्मल ने बीस दिन के अवकाश का प्रार्थना—पत्र डिपार्टमेंट के ऑफिस में दिया तो क्लर्क ने उसे एचओडी (विभागाध्यक्ष) से मिलकर अपना ...

आमची मुम्बई - 41
by Santosh Srivastav verified
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मुम्बई कभी सोती नहीं उसकी नाइटलाइफ़ के बारे में यही कहा जाता है मुझे याद आ रहाहै ‘मुम्बई रात की बाहों में’ एथेना, लश, ...

खट्टी मीठी यादों का मेला - 16
by Rashmi Ravija verified
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(रात में बेटी के फोन की आवाज़ से जग कर वे, अपना पुराना जीवन याद करने लगती हैं. उनकी चार बेटियों और दो बेटों से घर गुलज़ार रहता. पति ...

कमसिन - 30
by Seema Saxena verified
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आज पूरे तीन महीने के बाद रवि के अलावा भी कोई उसके दिलो दिमाग पर छाया था अन्यथा उसे सिर्फ रवि की छवि, उसकी बातें, उसकी यादें ही किसी ...