Harami by Kumar Gourav in Hindi Human Science PDF

हरामी

by Kumar Gourav in Hindi Human Science

हरामीसर्दी के मौसम में बस यात्रा में बदन सिकोड़े चुपचाप लघुशंका दबाए बैठा था । ड्राइवर ने ठेके पर दारू के लिए बस रोकी और मैं जल्दी से शंका निवारण हेतू उतर गया। अभी शंका निवारण हुआ भी न ...Read More